Monday, 11 May 2020

अरतुगुल गाजी 1

*⚔️🇹🇷सल्तनत ए उस्मानिया🇹🇷⚔️*

*पोस्ट नम्बर 1️⃣*

*जब भी मुलमानों पे जुल्म या जातति होती हे तो सबसे पहले जो आवाज़ बुलंद होती हे वो तुर्की से होती हे रजब तय्यब अर्दोन की_आखिर किया बात है जो तुर्की अमेरिका को भी आंखे दिखता हे और कहता हे , हमे जंग की धमकी मत देना ,हमारा इतिहास पढलो पहले*

*उसकी वजह हे ख़िलाफ़ते उस्मानिया का इतिहास जो आपको पोस्ट बाय पोस्ट बताऊंगा इन शाह अल्लाह*

*सल्तनत ए उस्मानिया जिसे ख़िलाफ़त ए उस्मानिया भी कहते हे ईसाई इलाको में इस्लाम के झंडे गाड़ने वाली सल्तनत जिसने सलेबी (ईसाई लस्कर) को वो जख्म दिए की आज तक उससे वो उभर ना पाए , रोम की 1हजार साला हुकूमत को उखाड़ फेंकने ओर कुस्तुन्तुनिया को फतह करके ,इस्लाम की वो दास्तान लिखदी कि आज भी दुश्मन पढ़ कर थर्रा जाता हे, इस सल्तनत ने तक़रीबन 600 साल तक हुकूमत की 1453 से 1922 तक*

1922 में सल्तनत उस्मानिया को खत्म करके उसपे पाबंदी लगा के पूरे खानदान को अरब छोड़ने पे मजबूर किया , 100 साल का मुहाइदे में तरह तरह की पाबंदी लगा दी ताके तुर्की फिर कहर बनके ना टूट पड़े ईसाईयो पे , इस *मुहाइदे कि उम्र भी मुकम्मल होने वाली हे 2023 में तुर्की फिर से पाबंदियों से आज़ाद हो जाएगा* 

 *सल्तनत ए उस्मानिया को हटाना, एक बोहोत बड़ी सलेबी, ईसाई साजिश थी _बर्तानवी जासूस हम्फर (hempher) ने इसमें अहम किरदार अदा किया था_* 

*में आखिरी पोस्ट में जासूस हम्फर (hempher) पर पोस्ट बनाऊँगा ओर उसी की जबानी उसकी पूरी जासूसी की दास्तान बताउंगा, ओर उसपे कई पोस्ट बनेगी सिर्फ बर्तानिया जासूस ही नही बल्कि मुसलमान कहलाने वाले कई लोग भी शामिल थे । ये सब कैसे हुवा कोन कोन सामिल थे सलेबी जासूस ने किया लिखा वो सब आपको बताऊंगा  लेकिन सबसे आखिर में ।* 

*इसलिए कि में इब्तिदा से आगाज़ करना बेहतर समझता हूं  ताके पढ़ने वालों को समझने में आसानी हो*
 
*1258 ई में ख़िलाफ़ते अब्बासियों का तातारियों (मंगोल) के हाथों कत्ले आम के साथ खत्मा हुवा ओर आखिरी अब्बासी खलीफा मुस्त असीम बिल्लाह को जानवर की खाल में लपेट कर घोडे दौड़ा कर कुचल दिया गया ,,,,।।*

है अयां फितना ए तातार के अफसाने से..
पासबां मिल गए काबे को सनम खाने से..!!

बाद में यही तातारी कौम मुसलमान हो गई और तुर्क नस्ल के नाम से मशहूर हुई…  

*1.. तुर्काने तैमूरी… जिसकी नस्ल में बाबर पैदा हुआ और भारत में मुगल साम्राज्य की बुनियाद डाली।*

*2.. तुर्काने सफवी… जिसकी हुकूमत ईरान में क़ायम हुई*

*3.. तुर्काने सलजूकी… इस खानदान की बहुत मजबूत हुकूमत तुर्की के इलाके में…इस्ताम्बूल (कुस्तुनतुनिया ) को छोड़कर.. आसपास क़ायम हुई..!!*

वक्त के साथ साथ सलजूकी हुकूमत जब कमजोर होने लगी तो कई छोटी छोटी रियासतों में बंट गई… आसपास मौजूद छोटे सुल्तान… सलजूकी सुल्तान पर हमले करने लगे…. और सन् 1300 ई0 तक सेल्जुकों का पतन हो गया था…!!

*इन्ही रियासतों में मगरिबी अनातोलिया की छोटी सी रियासत में ,अल तुगरल, (गाज़ी eurtgul) एक तुर्क सुल्तान थे…!!*
एक बार जब वो एशिया माइनर की तरफ़ कूच कर रहे थे तो रास्ते में एक जगह पर दो छोटी फौजों को जंग करते हुए देखा… जिसमें से एक तरफ की फौज शिकस्त के करीब थी… उन्होंने अपनी चार सौ घुड़सवारों की सेना को किस्मत की कसौटी पर आजमाया.. उन्होंने हारते हुए पक्ष का साथ दिया और लडाई जीत ली… उन्होने जिनका साथ दिया वे सल्जूक थे…!!

*गाजी अल तुगरल (Eurtgul) ही वो पहले सख्स थे जिन्होंने सल्तनत ए उस्मानिया की नींव रखी और आप ही के बेटे गाज़ी उस्मान के नाम से सल्तनत का नाम उस्मानिया रखा गया*


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*📮आगे इन शा अल्लाह अगली पोस्ट में*


                 

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